सही समय । किसान और उसके आलसी बेटे । Hindi Child Story

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Hindi Child Story

1.सही समय

एक बार एक पिंजरे में बंद बुलबुल रात के समय गा रही थी, उसका पिंजरा खिड़की के पास लटक रहा था। उसका गाना सुनकर एक चमगादड़ वहाँ आया और उसने पूछा, “‘प्रिय बुलबुल तुम बहुत मीठा गाती हो। तुम्हारा गाना सुनकर मन आनंदित हो गया है। लेकिन तुम दिन के बजाए रात में क्यों गा रही हो? “Hindi Child Story

बाकी सब बुलबुलें तो दिन में गाती हैं।” ‘में भी पहले दिन के समय गाती थी। लेकिन मेरे गाने के कारण मैं पिंजरे में कैद कर ली गई । इसलिए अब मैं सावधानी बरते हुए रात के समय गाती हैँ, ताकि फिर कोई मुझे कैद न कर सके।। ‘‘तुम कितनी बेवकृफ हो! अरे । अब तो तुम कैद कर ली गई हो। अब सावधान होने से क्या फायदा। यह कहकर चमगादड़ वहाँ से उड़ गया।

शिक्षा : हर काम सही समय पर करना चाहिए, तभी उसकी महता होती है।

Child Story in Hindi

 

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2.किसान और उसके आलसी बेटे

एक गाँव में एक किसान रहता था। उसके दो बेटे थे और दोनों पहले दर्जे के आलसी थे। किसान दिन भर खेतों में मेहनत करता और दोनों बेटों का भरण पोषण करता। एक दिन किसान बीमार पड़ गया। हर तरह के इलाज के बाद भी उसकी बीमारी ठीक होने का नाम नहीं ले रही थी। वह समझ गया था कि अब वह ज्यादा दिन तक जीवित नहीं रहेगा । उसे अपने दोनों बेटों की चिंता थी कि उसके मरने के बाद उनका क्या होगा। एक दिन लेटे-लेटे उसे एक तरकीब सूझी। उसने दोनों बेटों को बुलाकर कहा,

” मैंने अंगूरों के बाग में बहुत नीचे तुम्हारे लिए खजाना दबाया हुआ है। मेरेमने के बाद उसे खोदकर निकाल लेना।” किसान के मरने के बाद किसान के बेटे अंगरों के बाग में गए। उन्होंने मिलकर पूरा खेत खोद डाला पर कुछ हाथ न लगा।वे अपने पिता को कोसने लगे। कुछ दिनों बाद बरसात हुई और उनकी गूरों की बेलें लहलहाने लगी। बेले अंगूरों से लद गई थीं। अंगूर पकने पर उन्होंने उन्हें महंगे भाव से बेचा और अमीर बन गए।अब उन्हें समझ आया कि उनके पिता ने इसी खजाने के बारे में कहा था ।

शिक्षा : परिश्रम से ही सफलता मिलती है।

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